नर्सिंग छात्र और वेल्डर चला रहे थे बच्चा चोर गिरोह, 60 हजार में निःसंतान दंपती को बेचने की थी साजिश
सुमित शर्मा
बरेली। आंवला क्षेत्र के प्रसिद्ध मनौना श्याम मंदिर से रविवार दोपहर अगवा किए गए डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ को पुलिस ने मंगलवार आधी रात मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान दोनों अपहरणकर्ताओं के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस टीम का दीवान उमेश भी घायल हो गया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसके सिर में मामूली चोट पाए जाने पर पट्टी की गई है।
पुलिस के अनुसार, मंदिर परिसर में सफाईकर्मी रमन का डेढ़ साल का बेटा ऋषभ रविवार दोपहर अचानक लापता हो गया था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध दिखाई दिए थे, जिसके आधार पर पुलिस की पांच टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार दो संदिग्ध बच्चा लेकर अलीगंज रोड की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया और हुलासी फाटक के पास दोनों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसी दौरान बाइक से बच्चा भी नीचे गिर गया, जिसे पुलिस ने तुरंत सुरक्षित उठा लिया।
पुलिस ने मौके से शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धोपला करीम नगर निवासी योगेश कन्नौजिया और बदायूं के ककराला निवासी पवन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। योगेश शाहजहांपुर के एक मेडिकल कॉलेज में एमएससी नर्सिंग का छात्र बताया जा रहा है, जबकि पवन जलालाबाद में वेल्डिंग का काम करता था।
लखीमपुर खीरी के सरगना से जुड़े तार
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी लखीमपुर खीरी निवासी एक सरगना के इशारे पर बच्चा चोरी का गिरोह चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक सरगना की दोस्ती मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान योगेश से हुई थी। बाद में उसने योगेश को निःसंतान दंपतियों को बच्चे बेचने के बदले मोटी रकम मिलने का लालच दिया।
योगेश ने अपने साथी पवन सिंह के साथ मिलकर बच्चा चोरी की योजना बनाई। दोनों ने करीब एक महीने तक बरेली और शाहजहांपुर के मेलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटे बच्चों की रेकी की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने मनौना श्याम मंदिर परिसर को निशाना बनाया और मौका देखकर ऋषभ का अपहरण कर लिया।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरोह के सरगना ने छह महीने तक की उम्र का बच्चा चुराने के बदले 60 हजार रुपये देने का वादा किया था। मगर जब आरोपियों ने डेढ़ साल के बच्चे को उठाने की जानकारी दी तो सरगना ने उन्हें डांट लगाई और कहा कि बड़ा बच्चा अपने असली माता-पिता को आसानी से नहीं भूलता। इसके बाद दोनों आरोपी लगातार बच्चे को लेकर ठिकाने बदलते रहे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बाइक, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस टीम लखीमपुर खीरी रवाना कर दी गई है। पूरे मामले में कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं और पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला हो सकता है।
मासूम ऋषभ के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने पुलिस का आभार जताया है। वहीं घटना के खुलासे के बाद इलाके में पुलिस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।

