चन्दौसी। नगर के गणेश कालोनी गली नंबर 10/2 में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस पर भक्तों को भगवान श्री कृष्ण का माता रुक्मणि के साथ विवाह का श्रवण कराया गया। कथा का वाचन वृंदावन धाम से पधारे ओम प्रकाश महाराज के मुखारविंद से वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा के दौरान ओम प्रकाश महाराज ने भगवान
श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह प्रेम और साहस का अनूठा प्रसंग सुनाया जिसमें श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी की इच्छा अनुसार शिशुपाल से होने वाले उनके विवाह को रोककर उनका हरण अपहरण किया था। विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने बचपन से ही कृष्ण को पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने शिशुपाल से रिश्ता तय कर दिया था।विवाह से दो दिन पहले, माता रुक्मिणी ने सुदेव नामक ब्राह्मण के हाथों श्रीकृष्ण को एक गुप्त पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने विवाह का आग्रह किया और अपनी रक्षा की विनती की।विवाह के दिन जब रुक्मिणी गौरी पूजा के बाद मंदिर से निकल रही थीं तब श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं के सामने रुक्मिणी का हरण किया और उन्हें अपने रथ में लेकर द्वारका आ गए।
उसके बाद रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने युद्ध किया लेकिन पराजित हुआ। अंत में, द्वारका में पूरी धूमधाम और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का भव्य विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान कथा पंडाल में भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी ।कथा के अंत में श्री मद भागवत जी की आरती हुई तत्पश्चात सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। कथा के दौरान राजा नरेश प्रताप सिंह मुकेश राठौर डॉ विजय शँखधार मनोज कुमार तोमर अरविंद गुप्ता मुकेश कुमार एडवोकेट ओमेंद्र शर्मा योगेन्द्र चौधरी राकेश कुमार एडवोकेट ज्ञानचंद गुप्ता नेत्रपाल पाल सिंह ओमवीर सिंह लक्ष्मण प्रसाद मौर्य सुभाष गुप्ता उमेश चौहान संजीव शर्मा राजू चौहान अनुराग वार्ष्णेय हृदेश यादव एडवोकेट बबलू शर्मा राजपाल सिंह यादव रामकिशोर शास्त्री रूम सिंह यादव सुखलेश सिंह वीरेंद्र शर्मा टीटू शर्मा आदि भक्त लोग शामिल हुए ।
कथा के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्णा का माता रुक्मणि जी के साथ विवाह हुआ सम्पन्न
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