वाराणसी में एक बेहद दुखद मामला सामने आया, जहां पद्मश्री से सम्मानित साहित्यकार श्रीनाथ खंडेलवाल को उनके ही बच्चों ने वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर कर दिया। बताया जाता है कि वे करीब 80 करोड़ की संपत्ति के मालिक थे और उन्होंने 100 से ज्यादा किताबें लिखी थीं। साल 2023 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। आरोप है कि उनके बेटा-बेटी ने उनकी संपत्ति अपने नाम कर ली और उन्हें बेसहारा छोड़ दिया। बाद में समाजसेवियों ने उन्हें एक वृद्धाश्रम में पहुंचाया, जहां उनका इलाज और देखभाल होती रही। 80 साल की उम्र में उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उनका निधन हो गया। सबसे दुखद बात यह रही कि उनके अंतिम समय में या अंतिम संस्कार में भी कोई परिजन शामिल नहीं हुआ, जिसे समाजसेवियों ने चंदा इकट्ठा कर पूरा किया।
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