TEDx स्पीकर अनुराधा तिवारी के अनुसार, बिहार जैसे राज्य में एक ऐसे उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है, जिसने चुनाव में जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे। बिहार के चुनावों में आमतौर पर जाति का गहरा प्रभाव रहा है, इसलिए इस परिणाम को महज एक जीत से बढ़कर माना जा रहा है।
यह इस बात का संकेत है कि अब मतदाता जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर उम्मीदवार के नेतृत्व और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार हैं।

