राजधानी के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 बच्चों की मौत के बाद से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पूरी तरह एक्शन मोड में है। इस बीच एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने एक ऐसी चौंकाने वाली सच्चाई सामने रखी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में केवल 6 प्रतिशत मकानों के ही नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि 94 प्रतिशत भवन बिना स्वीकृत नक्शे के ही बने हुए हैं।
प्रथमेश कुमार ने कहा कि यदि इन सभी भवनों के खिलाफ एक साथ कठोर कार्रवाई की जाए तो पूरा शहर प्रभावित होगा और व्यापक अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए प्राधिकरण का उद्देश्य लोगों को परेशान करना या उनका शोषण करना नहीं है, बल्कि भवनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है। उन्होंने बताया कि हाल के अग्निकांडों के बाद भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और एलडीए का पूरा फोकस आवासीय और व्यावसायिक भवनों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप के बीच प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने राहत भरा आदेश भी जारी किया है। नए निर्देशों के तहत 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के मालिक सेल्फ सर्टिफिकेशन यानी स्व-प्रमाणपत्र देकर एलडीए की कार्यवाही से बच सकेंगे। प्राधिकरण उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सीलिंग नहीं करेगा। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और शासन के निर्देशों के बाद प्रथमेश कुमार ने 11 बिंदुओं पर एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना किसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन के लिए लोगों को पहले प्रेरित करेगा और उसके बाद ही प्रवर्तन की कार्रवाई होगी।
आदेश में शहर के कोचिंग संस्थानों को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी। जहां कमियां पाई जाएंगी, वहां सीधे सीलिंग की कार्रवाई नहीं होगी बल्कि पहले एक सप्ताह का समय देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार न होने पर नोटिस जारी कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया कि सीलिंग से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, इसलिए सभी पहलुओं पर विचार कर निर्णय लिया जाए।
एलडीए की नई गाइडलाइन: कोचिंग सेंटरों की होगी जांच, सुरक्षा पर जोर
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