मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से सपा विधायक कमाल अख्तर ने मंगलवार को विधानमंडल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा के साथ उनके मतभेद चर्चा में थे।
विवाद को सुलझाने के लिए हाल ही में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों पक्षों के साथ बैठक भी की थी। माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन अब कमाल अख्तर के इस्तीफे ने अटकलों को फिर हवा दे दी है।
दैनिक भास्कर से बातचीत में कमाल अख्तर ने इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा- मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दिया है। वो हमारे नेता हैं, उनका आदेश मानना हमारा कर्तव्य है। पार्टी में समय-समय पर नेताओं की जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं। और ये इसी रूटीन बदलाव का हिस्सा है। मैं करीब डेढ़ साल से इस पद पर था। पार्टी में अब किसी नए नेता को यह जिम्मेदारी मिलेगी। मुझे चुनाव लड़ना है, इसलिए मेरा फोकस अब अपनी सीट पर है।
मुख्य सचेतक का पद संसदीय प्रणाली में अहम होता है। यह मुख्य रूप से राजनीतिक दल के अनुशासन, उपस्थिति और मतदान को सुनिश्चित करने का दायित्व निभाता है। मुख्य सचेतक का प्रमुख काम पार्टी में अनुशासन बनाए रखना, विधायक दल के सदस्यों को पार्टी की नीति और लाइन के अनुसार व्यवहार करने के लिए निर्देशित करना है। सदस्यों को किसी मुद्दे पर कैसे मतदान करना है, यह भी बताना है।
व्हिप का उल्लंघन करने पर सदस्य को अयोग्य ठहराए जाने का प्रावधान कर सकता है। विधानसभा सत्रों में मतदान और महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान दल के सभी सदस्यों को उपस्थित रखने की जिम्मेदारी, मतदान के समय पर्याप्त संख्या में सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी मुख्य सचेतक की होती है।
मुख्य सचेतक पार्टी नेतृत्व और विधायकों के बीच पुल का काम करता है। सदस्यों की राय, असंतोष या सुझावों को नेतृत्व तक पहुंचाना और पार्टी की स्थिति सदस्यों को बताने का काम भी मुख्य सचेतक का काम होता है।

