By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • पंजाब
    • हरियाणा
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Reading: गोरखनाथ मंदिर बना भरोसे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, दशकों से मुस्लिम परिवार निभा रहे अहम जिम्मेदारियां
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़
Font ResizerAa
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Search
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • पंजाब
    • हरियाणा
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Login Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़ > राज्य > उत्तर प्रदेश > गोरखनाथ मंदिर बना भरोसे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, दशकों से मुस्लिम परिवार निभा रहे अहम जिम्मेदारियां
उत्तर प्रदेशराज्य

गोरखनाथ मंदिर बना भरोसे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, दशकों से मुस्लिम परिवार निभा रहे अहम जिम्मेदारियां

Amarkesadmin
Last updated: July 9, 2026 3:20 pm
Amarkesadmin
2 months ago
Share
SHARE

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर एक अलग और सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आया है। यहां कई दशकों से मुस्लिम समुदाय के लोग मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, निर्माण कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का हिस्सा रहे हैं। खास बात यह है कि इतने लंबे समय में मंदिर के इन कार्यों को लेकर किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी का मामला सामने नहीं आया।

गोरखनाथ मंदिर से जुड़े यासीन अंसारी पिछले लगभग पांच दशकों से मंदिर की सेवा कर रहे हैं। वर्ष 1977 से 1983 तक उन्होंने मंदिर के आधिकारिक कैशियर के रूप में कार्य किया। वर्तमान में वे मंदिर की निर्माण परियोजनाओं, बजट, खर्च और खातों की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, उनकी सेवा के दौरान वित्तीय पारदर्शिता और ईमानदारी बनी रही है और अब तक किसी प्रकार के गबन या अनियमितता की शिकायत सामने नहीं आई।

यासीन अंसारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य मुस्लिम परिवार भी वर्षों से गोरखनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं। मान मोहम्मद मंदिर की गौशाला की देखरेख करते हैं, जबकि इंजीनियर निसार अहमद ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े अस्पताल के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन परिवारों का मंदिर से जुड़ाव कई पीढ़ियों से चला आ रहा है, जिसे स्थानीय लोग आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानते हैं।

गोरखनाथ मंदिर का यह उदाहरण बताता है कि जिम्मेदारी, ईमानदारी और भरोसा किसी धर्म या समुदाय की पहचान से नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, निष्ठा और कर्म से तय होते हैं। ऐसे उदाहरण समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हैं।

जनसुनवाई में गैरहाजिर 11 अफसरों पर गिरी गाज
सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने किया पीडीए वृक्षारोपण अभियान का आयोजन
15 दिन में कोचिंग संस्थानों को कराना होगा पंजीकरण
ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ जागरूकता के साथ वन महोत्सव का आयोजन
बिसौली के कस्बा सैदपुर में बीमारी से तंग बुजुर्ग ने आत्महत्या की
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article परी चौक पर बनेगा नमो भारत और एक्वा लाइन का इंटरचेंज
Next Article महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश का बदला रुख, तीन शर्तों के साथ समर्थन के संकेत
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

अमर केसरी एक पेशेवर हिंदी दैनिक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो आपको हर दिन रोचक, ज्ञानवर्धक और विश्वसनीय खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य है कि आप हमारे कंटेंट का आनंद लें और हर रोज़ की ताज़ा खबरों से अपडेट रहें।

  • Home
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact
  • Disclaimer

विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

Email:- amarkesarihindidainiknews@gmail.com

Phone:- +91 88650 09400

© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?