5 दिन से सो रहा प्रशासन, भाकियू टिकैत का धरना उग्र
खुले आवारा पशु ले रहे जान, मंडी और खाद में किसान बेहाल
संवाददाता वंदना शाहजहांपुर
शाहजहांपुर। पुवायां। भारतीय किसान यूनियन टिकैत उत्तर प्रदेश का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 5वें दिन भी जारी रहा। लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
जिला अध्यक्ष अनिल सिंह यादव ने आक्रोश जताते हुए कहा कि 25 जुलाई को 7 सूत्रीय ज्ञापन SDM को सौंपा गया था। समाज और किसान हित के अहम मुद्दे उठाए गए थे, लेकिन आज तक कोई अधिकारी समस्या सुनने तक नहीं आया।
किसान की तीन बड़ी पीड़ा:
1. आवारा पशु बना काल: सड़कों पर गाय-बैल खुले घूम रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना है।
2. मंडी में लूट: मंडियों में भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों की मक्का हफ्तों से पड़ी सड़ रही है। तौल के नाम पर किसानों को दिनभर दौड़ाया जा रहा है।
3. खाद के लिए मारामारी: यूरिया-डीएपी के लिए किसानों को घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। ब्लैक में खाद बिक रही है, फिर भी किसानों को खाद नसीब नहीं हो रही।
अनिल सिंह यादव ने चेतावनी दी कि जब तक सभी 7 मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। अगर प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

