By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • पंजाब
    • हरियाणा
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Reading: देवेंद्र फडणवीस: हार में धैर्य, जीत में नम्रता—महाराष्ट्र की राजनीति का चढ़ता सूरज
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़
Font ResizerAa
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Search
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • पंजाब
    • हरियाणा
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • अपराध
  • आध्यात्म
  • राजनीति
  • व्यापर
Login Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़ > राज्य > उत्तर प्रदेश > देवेंद्र फडणवीस: हार में धैर्य, जीत में नम्रता—महाराष्ट्र की राजनीति का चढ़ता सूरज
उत्तर प्रदेशराज्य

देवेंद्र फडणवीस: हार में धैर्य, जीत में नम्रता—महाराष्ट्र की राजनीति का चढ़ता सूरज

Amarkesadmin
Last updated: January 18, 2026 2:22 pm
Amarkesadmin
8 months ago
Share
SHARE

एक पुरानी कहावत है—सफलता के 100 बाप होते हैं, लेकिन असफलता हमेशा अनाथ रहती है। राजनीति में यह कहावत और भी ज़्यादा सटीक बैठती है। बहुत कम लोग होते हैं जो जीत का जश्न सबके साथ मनाते हैं और हार की ज़िम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर लेते हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा ही एक नाम है—देवेंद्र फडणवीस।

देवेंद्र फडणवीस वह नेता हैं जिन्होंने बार-बार नेतृत्व का असली अर्थ दिखाया। एक समय मुख्यमंत्री रह चुके व्यक्ति का उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने किया। उससे पहले भी वही नेता थे जिन्होंने दशकों से सोई हुई बीजेपी को महाराष्ट्र में फिर से खड़ा किया, जहाँ पार्टी हमेशा शिवसेना की दूसरी पंक्ति में खड़ी रहती थी—वह भी उस राज्य में जहाँ RSS का मुख्यालय है। मोदी युग से पहले यह लगभग स्वीकार कर लिया गया था कि महाराष्ट्र में बीजेपी कभी अकेले दम पर सत्ता में नहीं आएगी। 2014 में जब बीजेपी-शिवसेना गठबंधन टूटा, तब ज़्यादातर विश्लेषकों ने बीजेपी के सफ़ाए की भविष्यवाणी कर दी थी। लेकिन उसी दौर में, कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन के भाव के साथ, देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी को सत्ता तक पहुँचाया और मुख्यमंत्री बने।

2019 में जब सत्ता हाथ से गई, तो कुछ दिनों का मुख्यमंत्री बनना राजनीतिक मज़ाक का विषय बना दिया गया। वर्षों तक वे आलोचना, तंज और ट्रोलिंग का निशाना बने। लेकिन संघ की परंपरा में पले नेता की तरह उन्होंने शोर नहीं मचाया, शिकायत नहीं की, बल्कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुपचाप काम करते रहे। उसी दौरान उन्होंने वह नींव रखी जिससे शिवसेना और NCP—दोनों की राजनीति धीरे-धीरे बिखरती चली गई। जिन ताक़तों ने कभी उन्हें सत्ता से दूर किया था, वही उनकी रणनीति से अप्रासंगिक होती चली गईं। और जब समय आया, तो वे फिर सत्ता के केंद्र में थे—लेकिन एक बार फिर पीछे की पंक्ति में खड़े होकर, उपमुख्यमंत्री की भूमिका में, आलोचनाओं को सहते हुए।

2024 में तस्वीर बदली। बीजेपी अपने दम पर सत्ता में आई—वह सपना जो वर्षों से देखा जा रहा था। यह देवेंद्र फडणवीस की सबसे बड़ी राजनीतिक जीतों में से एक थी। कोई और होता तो यहीं रुक जाता, लेकिन फडणवीस नहीं। उन्होंने आख़िरी और सबसे अहम क़िला साधा—BMC का मेयर पद, जो दशकों से शिवसेना की सत्ता, पहचान और संसाधनों का केंद्र रहा है। जहाँ विरोधियों का अभियान विभाजन और डर पर टिका था, वहीं बीजेपी का अभियान उपलब्धियों और विश्वसनीयता पर लड़ा गया—जो भारतीय राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है। नतीजा इतिहास बन गया। पहली बार BMC को बीजेपी का मेयर मिला। मुंबई में अब सिर्फ़ डबल नहीं, ट्रिपल इंजन सरकार है।

आलोचक कुछ भी कहें, समर्थक कुछ भी कहें—इस पूरी यात्रा में अगर किसी एक व्यक्ति ने हार में सबसे ज़्यादा सहा और जीत में सबसे कम शोर मचाया, तो वह देवेंद्र फडणवीस हैं। जब-जब पार्टी गिरी, वे सामने खड़े रहे; जब-जब पार्टी जीती, वे पीछे हट गए। आज जब सफलता उनके नाम लिखी जा रही है, तो यह सिर्फ़ सत्ता की नहीं, धैर्य और निरंतरता की जीत है। सच ही कहा गया है—दुनिया चढ़ते सूरज को सलाम करती है, और आज का चढ़ता सूरज है फडणवीस।

जिलाधिकारी कि अध्यक्षता में तहसील नवाबगंज में सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ आयोजन
विश्व दिव्यांगजन दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने 41 उत्कृष्ट दिव्यांगजनों को किया सम्मानित
नोएडा में श्रमिक विवाद गहराया, सरकार ने समाधान की दिशा में तेज की पहल
बांकीपुर जीत पर रोहिणी आचार्य ने दी बधाई, BJP पर साधा निशाना
नगर पंचायत गुन्नौर द्वारा आज दिनांक 03-07-2026 को पॉलीथीन महाअभियान चलाया गया
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article बसपा पंजाब की उच्चस्तरीय बैठक में 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा तय
Next Article शाहबाद में ई-रिक्शा-बाइक की भिंडत में दो की मौत:परिवार में कोहराम, हादसे से क्षेत्र में शोक
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

अमर केसरी एक पेशेवर हिंदी दैनिक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो आपको हर दिन रोचक, ज्ञानवर्धक और विश्वसनीय खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य है कि आप हमारे कंटेंट का आनंद लें और हर रोज़ की ताज़ा खबरों से अपडेट रहें।

  • Home
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact
  • Disclaimer

विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

Email:- amarkesarihindidainiknews@gmail.com

Phone:- +91 88650 09400

© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?