लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन हो गया है। यह प्रेरणा स्थल कई मायनों में बेहद अहम है। यहां पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की 65 फीट ऊंची कांस्य की मूर्ति लगी है। इसका उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया है। इस कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से सांसद व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को लेकर एक किस्सा सुनाया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी के भाषण से प्रभावित होकर पाकिस्तानी महिला ने उनसे शादी करने की इच्छा जाहिर की थी, तब अटल जी ने दहेज में पूरा पाकिस्तान मांग लिया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी का किसी से परिचय कराने की जरूरत नहीं है, उनके स्वभाव से लोग परिचित है। राजनाथ सिंह ने एक घटना की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व पीएम पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। उनके भाषण से प्रभावित होकर एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार ने कहा कि मैं आपसे शादी करने के लिए तैयार हूं, लेकिन इसके एवज में जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान के हवाले कर दें। इस पर अटल जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि मैडम मैं आपके साथ शादी करने के लिए तैयार हूं, लेकिन आप वचन दीजिये कि हमें दहेज में पाकिस्तान मिलेगा।
पीएम मोदी को 29 देशों का सर्वोच्च सम्मान
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा आपको यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता होगी कि पीएम मोदी एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्हें दुनिया के 29 देशों का जो सर्वोच्च सम्मान होता है, वो सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है। आज पावन अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्तियों का अनावरण पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों से हो रहा है। मैं मानता हूं, आज का ये अवसर निश्चित रूप से देश के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मदन मोहन मालवीय को नमन
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज मदन मोहन मालवीय जी की भी जन्म जयंती है। इस मंच से मैं उन्हें स्मरण करते हुए उनकी स्मृति को नमन करता हूं। मैं सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं, जिन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल लखनऊ में स्थापित करने का काम किया है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर था कूड़े का पहाड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस जमीन पर यह प्रेरणा स्थल बना है, उसकी 30 एकड़ से भी ज्यादा जमीन पर पहले कूड़े का पहाड़ बना हुआ था। पिछले तीन वर्षों में इसे पूरी तरह समाप्त किया गया। इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी श्रमिकों, कारीगरों, योजनाकारों, योगी जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

