पूजा ने अपने पति बलराम की हत्या भांजे आदेश के साथ मिलकर की। अवैध संबंधों में बाधक बनने पर हंसिये से गला रेता गया। हत्या के बाद शव के पास ही शारीरिक संबंध बनाए गए। पूजा ने बेटे को झूठी गवाही देने को कहा, लेकिन आदेश की गिरफ्तारी से सच्चाई सामने आई। यह घटना शाहजहांपुर के पुवायां में हुई।
शाहजहांपुर। भांजे के साथ अवैध संबंधों में बाधक बने बलराम की हत्या उनकी पत्नी पूजा ने ही की थी। उसने हंसिये से गला रेतकर अपने ही हाथों सुहाग उजाड़ा था। जबकि प्रेमी आदेश मामा के पैर पकड़े रहा। मदद के लिए पति चिल्ला न सके इसलिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ने शव के पास ही पुआल पर शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद पूजा ने सात वर्ष के बेटे पवन को बताया कि आदेश ने तुम्हारे पापा की हत्या कर दी। मासूम को चश्मदीद बनाकर बचने की फिराक में थी। सुबह पुलिस बुलाती उससे पहले स्वजन पहुंच गए। शक के आधार पर उन लोगाें के कहने पर बच्चे ने मां का नाम साथ भी जोड़ दिया, लेकिन जब आदेश व उसका साथी रामचंद्र गिरफ्तार हुआ ताे पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा।
पुवायां के भटपुरा चंदू गांव निवासी बलराम की बुधवार रात गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। गुरुवार सुबह जब उनके भाई राजू काम पर बुलाने के लिए घर पहुंचे तो बरामदे में चारपाई पर भाई का शव पड़ा देखा। जबकि भाभी पूजा पास में बैठी थी। सात वर्ष के बेटे पवन ने बताया था कि ममेरे भाई आदेश ने पापा का गला काट दिया। जबकि मां पैर पकड़े हुए थी।
पूजा स्वयं को निर्दोष बताते हुए भांजे पर हत्या का आराेप लगा रही थी। शुक्रवार को आदेश व उसके साथी रामचंद्र को पुवायां में ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसने जो राज उगला उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। आदेश ने बताया कि पूजा ने बुधवार रात उसे काल करके घर आने को कहा। मना किया तो कहा कि बलराम की हत्या करके उसे फंसा देगी। जिस पर वह अपने साथी रामचंद्र के साथ वहां पहुंच गया।
उन दोनों को पूजा ने एक कमरे में छिपा दिया। कुछ देर बाद बलराम आए तो वह उनके साथ बातें करते हुए चारपाई पर लेट गई। इसी बीच वे दोनों बाहर आ गए। उनको देखते ही बलराम ने चीखने का प्रयास किया तो पूजा ने पति के सीने पर चढ़कर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। आदेश ने पैर पकड़े और रामचंद्र ने दोनों हाथ, पूजा हंसिया लेकर आई और तीन बार प्रहार करके बलराम का गला काट दिया।
इसके बाद रामचंद्र वहां से चला गया। जबकि पूजा व आदेश ने शव के पास फर्श पर बिछे पुआल पर संंबंध बनाए। इसक बाद वह वहां से भाग गया। हंसिया खेत में फेंक दिया। पूजा ने कमरे में सो रहे बेटे पवन को उठाया। कहा कि आदेश पापा की हत्या करके भाग गया है। अगर कोई पूछे तो यही बताना। इसके बाद सुबह के इंतजार में वहीं पर बैठी रही।
स्वयं इसलिए नहीं भागी कि सीधा शक हो जाएगा, लेकिन उसके पुलिस बुलाने से पहले ही राजू व अन्य स्वजन पहुंच गए। उन लोगों को शक था कि पूजा भी इसमें लिप्त है इसलिए उनके कहने पर पुलिस के सामने मां का नाम भी ले लिया। सब लोग इसी को सही मान रहे थे, लेकिन जब आदेश पकड़ा गया तो कहानी अलग ही निकली।

