राष्ट्र्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद पिछले दो दशकों से संभल–गजरौला रेलवे लाइन को दोहरीकरण किए जाने की लगातार माँग कर रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दे पर संभल के जनप्रतिनिधियों—चाहे वे सांसद हों या विधायक—ने आज तक कोई ठोस पहल नहीं की है। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और उदासीनता के कारण सरकार का भी इस विषय पर अपेक्षित ध्यान नहीं जा सका है।
राष्ट्र्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद यह स्पष्ट करना चाहती है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को अनदेखा करना स्वीकार्य नहीं है। परिषद इस मांग को लेकर अपना संघर्ष निरंतर और पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखेगी, जब तक कि संभल–गजरौला रेलवे लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती।”

