जिलाधिकारी श्री अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के प्रमुख नियोजको एवं उद्योग, श्रम एवं सेवायोजन तथा भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में क्षेत्रीय आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि बरेली अनिल कुमार ने योजना की विस्तृत जानकारी एवं प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि योजना 01 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगी। योजना के दो भाग है जिसके प्रथम भाग में ई0पी0एफ0ओ0 के साथ पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15000 रूपये दो किस्तों में देय होगा। जिसकी प्रथम किस्त छः माह की सेवा पूर्ण करने पर तथा द्वितीय किस्त 12 माह की निरन्तर सेवा पूर्ण करने पर दी जायेगी। इसी प्रकार योजना दूसरे भाग में नियोजकों को सहायता प्रदान की जायेगी। इस भाग में सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को शामिल किया जायेगा। नियोक्ताओं को 1 लाख रूपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के संबंध में प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार नियोक्ताओं को कम से कम छः माह तक निरन्तर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए 2 साल तक 3000 रूपये प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन दिया जायेगा। उन्होने बताया कि जनपद मुरादाबाद में 900 से अधिक नियोजकों में 40 प्रतिशत नियोजकों ने अपना पंजीयन करा लिया है।
इस अवसर पर उपस्थित दी हैण्डीक्राप्ट एक्सपोर्टर्स एसोशिएसन के सचिव श्री सत्यपाल ने सुझाव दिया कि योजना का ओर अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये तथा उद्योगिक क्षेत्रों में योजना की होडिंस लगायी जाये। श्री हेमेन्त जुनेजा ने योजना के पंजीयन की अवधि बढाये जाने का अनुरोध किया। विवेकानन्द हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर के प्रतिनिधि अनुराग मिश्रा ने पंजीयन के समय आने वाली कठिनाईयों का उल्लेख किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनपद के अवशेष सभी संस्थानों का पंजीयन अविलम्व करा लिया जाये जिससे योजना का लाभ नियोजकों तथा कार्मिको को मिल सकें। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि साथ ही बड़े अस्पताल, होटल, मॉल, नर्सिग होमस तथा शैक्षिक संस्थानों का भी पंजीयन योजना के अन्तर्गत कराये जाये। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सभी इकाईयों तक योजना की जानकारी उपलब्ध करायी जाये तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर होर्डिंस लगवायी जाये।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अन्तर्गत गठित जिला कार्यकारी समिति की बैठक में कहा कि जनपद के सभी नियोजक अपना पंजीकरण सेवायोजन विभाग के एकीकृत पोर्टल तवरहंतेंदहंउण्नचण्हवअण्पद (रोजगार संगम) पर करा ले, जिससे भविष्य में उनकी मांग के अनुरूप श्रमबल प्राप्त हो सकेगा तथा जनपद के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। जिलाधिकारी ने नॉन टेक्निकल विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहें अभ्यर्थियों हेतु कैम्पस प्लेसमेंट कराये जाने हेतु निर्देशित किया साथ ही यह कहा कि आज के परिवेश को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे अभ्यर्थियों को कम्प्यूटर में प्रोफेशन ज्ञान होना बहुत जरूरी है। इसके लिए स्किल को बढावा देने के लिए शैक्षिक संस्थानों द्वारा ऐसे कोर्स कराये जाने हेतु सुझाव दिये गये। उन्होने बी0ए0, बी0कॉम, बी0एस0सी0 जैसे कोर्साे में अध्यनरत छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण जैसे टैली आदि प्रदान करने हेतु कार्य योजना बनाये जाने के निर्देश दिये। नियोजक हेमेन्त जुनेजा ने इच्छुक संस्थानों के साथ पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया।
इससे पूर्व जिला कार्यकारी समिति के सचिव सहायक निदेशक(सेवायोजन) रत्नेश चन्द्र ने उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के किये गये कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, संयुक्त निदेशक उद्योग श्री योगेश कुमार, प्रवर्तन अधिकारी भविष्य निधि संगठन मुरादाबाद, उपनिदेशक कृषि श्री सन्तोष कुमार द्विवेदी, अग्रणी बैक प्रबन्धक पंकज सरन, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, प्रधानाचार्य पॉलिटेक्निक आई0आई0ए0 के प्रतिनिधि श्री संजीव कुमार, लघु उद्योग भारती के श्री रचित अग्रवाल सहित प्रमुख नियोजक एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना: मुरादाबाद में रोजगार सृजन की समीक्षा बैठक
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