प्रमुख सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता,जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था तथा राजस्व कार्यों पर दिया प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश
संबाददाता बंदना शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर दिनांक 29.12.2025। प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग / सामान्य प्रशासन / भाषा / राष्ट्रीय एकीकरण एवं पुनर्गठन समन्वय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा नोडल अधिकारी, जनपद शाहजहाँपुर श्री मनीष चौहान द्वारा दिनांक 29 दिसम्बर 2025 को जनपद शाहजहाँपुर का भ्रमण किया गया।
प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के साथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय परिसर में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।
प्रमुख सचिव महोदय द्वारा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन मुख्य द्वारा व बाउण्ड्रीवाल, 100 बेडेड चिकित्सालय, 50 बेडेड क्रिटीकल केयर ब्लॉक, इमरजेन्सी ब्लॉक, सी०सी० रोड आदि निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन 100 बेडेड चिकित्सालय के विषय में जानकारी प्राप्त की गयी, जिसके सम्बन्ध में कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि 100 बेडेड चिकित्सालय का निर्माण कार्य मूल परियोजन में सम्मिलित था, किन्तु 100 बेडेड चिकित्सालय का स्थान परिवर्तित होने के कारण विद्युत के अतिरिक्त कार्यों में बढ़ोत्तरी हुई है। उक्त कार्य नवीन कार्य है तथा मौके पर नहीं हुए है। अतिरिक्त विद्युत कार्य अति महत्वपूर्ण है तथा चिकित्सालय के संचालन हेतु इनको कराया जाने की आवश्यकता है। उक्त अतिरिक्त विद्युत कार्यों हेतु आगणन रु० 495.77 लाख महानिदेशालय में प्रेषित किया जा चुका है। उक्त कार्य नवीन होने के कारण कार्यदायी संस्था नामित होनी है तथा इसको इस वर्ष 2025-26 की कार्य योजना में सम्मलित किया गया है। साथ ही कार्यदायी संस्था द्वारा द्वारा अतिरिक्त सिविल कार्यों का आगणन रु०- 997.15 लाख प्रस्तुत किया गया है, जोकि मूल परियोजना में सम्मलित नहीं है। इस सम्बन्ध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना शेष है। प्रमुख सचिव द्वारा 50 बेडेड क्रिटीकल केयर ब्लॉक के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी, जिसके सम्बन्ध में कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि द्वितीय किश्त की धनराशि अवमुक्त न होने के कारण निर्माण कार्य लम्बित है। प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय की ओ०पी०डी० का भी भम्रण किया गया, जिसमें उनके द्वारा ओ०पी०डी० रजिस्ट्रेशन हेतु ओ०आर०एस० के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराये जाने के निर्देश दिये गये।
नोडल अधिकारी ने निरीक्षण के समय उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आम जनमानस को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इसके उपरान्त प्रमुख सचिव द्वारा कृषि उत्पादन स्थल मण्डी, रौजा में संचालित धान खरीद केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धान खरीद की प्रक्रिया, किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अपनी उपज विक्रय करने आए किसान वार्ता कर जानकारी ली कि उन्हें अपनी उपज विक्रय करने में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आई।निरीक्षण के समय धान क्रय केन्द्र रौजा मण्डी प्रथम पर श्री सुनील कुमार, ग्राम-रक्ता के लगभग 36-00 कुण्टल एवं धान क्रय केन्द्र रौजा मण्डी द्वितीय पर श्री महिपाल, ग्राम-जहानपुर के लगभग 80-00 कुण्टल तथा धान क्रय केन्द्र-रौजा मण्डी तृतीय पर श्री बलवन्त सिंह, ग्राम-शेरपुर के लगभग 80-00 कुण्टल धान की तौल हो रही थी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 28-12-2025 तक जनपद में कुल पंजीकृत 31128 कृषकों से कुल-268503.563 मी०टन धान खरीद की गयी है, जो आवंटित क्रय लक्ष्य 305000 मी०टन का 88.03% है व खरीदे गये धान के सापेक्ष 174876.283 मी०टन धान सम्बद्ध मिलों को कस्टम हलिंग हेतु प्रेषित व मिलर्स द्वारा 69374.362 मी०टन सी०एम०आर० का सम्प्रदान भारतीय खाद्य निगम में किया जा चुका है। क्रय धान के सापेक्ष कृषकों को 91.41% भुगतान किया जा चुका है। प्रमुख सचिव द्वारा क्रय केन्द्रों पर भारी मात्रा में भण्डारित अवशेष धान के सम्बन्ध में पूछे जाने पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में स्थापित राईस मिलों को एफ०आर०के० की पर्यापत मात्रा में आपूर्ति न हो पाने के कारण धान प्रेषण का कार्य तीव्र गति से नहीं हो पा रहा है।
जनपद की रौजा मण्डी में स्थापित समस्त क्रय संस्थाओं के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एफ०आर०के० सम्बन्धी समस्या का शीघ्रातिशीघ्र समाधान कराते हुये केन्द्रों पर भण्डारित अवशेष धान का त्वरित गति से प्रेषण सम्बद्ध चावल मिलों को कराना सुनिश्चित करें, ताकि आगामी वर्षा आदि से धान की गुणवत्ता प्रभावित न होने पाए व किसी भी प्रकार की शासकीय क्षति से बचा जा सके। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से पारदर्शी एवं सुचारु रूप से धान की खरीद सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए। प्रमुख सचिव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का समय पर मूल्य मिले यह सुनिश्चित किया जाए।
भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत विकास भवन सभागार में विकास, राजस्व, कानून एवं शांति-व्यवस्था से संबंधित सी०एम० डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विकास, राजस्व, कानून एवं शांति-व्यवस्था के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।
प्रमुख सचिव ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, विकास कार्यों में गति लाने तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा जनहित से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा गया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्राप्तांक सूचनाओं की नियमित समीक्षा कर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। जिन विभागों की प्रगति तथा रैंक कम है वह कार्यों में गति लाकर रैंक में सुधार करें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, एसपी सिटी देवेन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक कुमार मिश्रा, जिला खाद्य वितरण अधिकारी राकेश मोहन पाण्डेय, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय डॉ0 राजेश कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषि पाल सिंह पीडी डीआरडीए अवधेश राम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेपाल सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाल तथा वित्त नियंत्रक दीपक कुमार रस्तोगी सहित संबंधी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

