एक साधारण #ठेकेदार से उत्तर प्रदेश की #राजनीति के सबसे #चर्चित चेहरों में शामिल होने तक का सफर, #करोड़ों रुपये का विशाल #कारोबारी साम्राज्य, #समाजसेवा की अलग पहचान और अंत में #कैंसर से लंबी जंग लड़ते हुए #दुनिया को #अलविदा कह देने वाले #उमाशंकर_सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है/
आखिर कितनी थी उमाशंकर सिंह की #संपत्ति? कैसे उन्होंने #अरबों रुपये का कारोबार खड़ा किया? उनकी पत्नी और परिवार क्या करता है? बेटे की शादी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री #दिनेश_प्रताप_सिंह की भतीजी कनिका सिंह से हुई, जिसमें बसपा सुप्रीमो #मायावती स्वयं शामिल हुईं और नवदंपति को अपना #आशीर्वाद दिया,आइए जानते हैं, #संघर्ष, सफलता और विरासत की यह पूरी कहानी/
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के #रसड़ा की मिट्टी में जन्मे उमाशंकर सिंह एक साधारण #किसान परिवार से आते थे/ उनके पिता #भारतीय सेना में रह चुके थे और परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ था, शुरुआती जीवन बेहद #सामान्य था, लेकिन सपने असाधारण थे,बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने #छात्र राजनीति में कदम रखा और यहीं से उनके संघर्ष की नई शुरुआत हुई/
उन्होंने #पीडब्ल्यूडी के छोटे-छोटे ठेकों से अपने करियर की शुरुआत की,धीरे-धीरे सड़क निर्माण, खनन और #इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई,साल 2002 के आसपास उन्होंने अपनी कंपनी की नींव रखी, जो आगे चलकर “सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड” के नाम से जानी गई,उनकी पत्नी पुष्पा सिंह कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बनीं, जबकि बेटे यूकेश सिंह ने कारोबार की कमान संभाली/
साल 2012 में जब उमाशंकर सिंह पहली बार विधायक बने, तब उनके हलफनामे में लगभग 20 करोड़ 75 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज थी। 2017 तक यह आंकड़ा बढ़कर 40 करोड़ 19 लाख रुपये हो गया और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 54 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की। इसमें करीब 18 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 35 से 36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी, जबकि उन पर लगभग 13 करोड़ रुपये का कर्ज भी था/
समय के साथ उनका कारोबार लगातार फैलता गया। सड़क निर्माण परियोजनाएं, खनन कारोबार, कई हॉट मिक्स प्लांट, क्रशर यूनिट, 250 से अधिक ट्रेलर और डंपर, अत्याधुनिक मशीनें और दो पेट्रोल पंप उनके विशाल कारोबारी साम्राज्य का हिस्सा बन गए। बताया जाता है कि वर्ष 2024-25 में उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था/
फरवरी 2026 में आयकर विभाग ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और खनन से जुड़े कई रिकॉर्ड बरामद होने की खबरें सामने आई थीं। इससे पहले विजिलेंस विभाग भी उनकी संपत्तियों की जांच शुरू कर चुका था/
पारिवारिक जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी पुष्पा सिंह लंबे समय से कारोबार संभाल रही थीं। बेटा यूकेश सिंह कंपनी के सीईओ के रूप में सक्रिय था, जबकि बेटी यामिनी सिंह की शादी वर्ष 2019 में हो चुकी थी/
साल 2024 में उनके बेटे यूकेश सिंह का विवाह कनिका सिंह से हुआ, जो उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की भतीजी हैं। लखनऊ में आयोजित इस भव्य समारोह में बसपा प्रमुख मायावती स्वयं पहुंचीं और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। कहा जाता है कि उमाशंकर सिंह मायावती को अपनी बहन मानते थे और दोनों के बीच रक्षाबंधन का रिश्ता भी था/
उमाशंकर सिंह केवल एक राजनेता और उद्योगपति ही नहीं थे, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनकी अलग पहचान थी। वर्ष 2012 में उन्होंने 251 गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह कराया और 2016 में 351 हिंदू-मुस्लिम जोड़ों के विवाह का आयोजन किया। क्षेत्र की कई बेटियां उन्हें प्यार से “पापा” और उनकी पत्नी पुष्पा सिंह को “मम्मी” कहकर पुकारती थीं/
अगस्त 2026 की शुरुआत में कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उमाशंकर सिंह ने अंतिम सांस ली। उनके निधन से उत्तर प्रदेश की राजनीति, उनके समर्थकों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मायावती ने उनके अंतिम दर्शन किए और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया/
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राजनीति, कारोबार और समाजसेवा के शिखर तक पहुंचने वाले उमाशंकर सिंह की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल बनकर हमेशा याद की जाएगी//
भावभीनी श्रद्धांजलि। 🙏🕊️

