तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मोइत्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एक आपराधिक मामले में पुलिस के सामने वर्चुअली (ऑनलाइन) पेश होने की अनुमति मांगी थी। मोइत्रा ने अपनी याचिका में पुलिस स्टेशन जाने पर अंडे फेंके जाने का डर जताया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मोइत्रा को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “आप एक सांसद हैं? राजनीति में आने के बाद क्या आप अंडों से डरती हैं? हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने तो अपने सीने पर गोलियां खाई थीं। इस तरह की याचिकाएं अदालत में नहीं आनी चाहिए।”
यह मामला मोइत्रा के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें उन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप है। अदालत ने उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

