दिल्ली में चल रहे आन्दोलन की अब दिशा बदल गई है. सोनम वांगचुक ने हड़ताल ख़त्म करने से इनकार कर दिया है. रात करीब 10. 30 बजे CJP के अभिजीत दीपके फिर जंतर मंतर पहुँच गए. और धरना शुरू हो गया.
आखिर ये हुआ कैसे? ये प्रदर्शन सोमवार को 12-1 बजे खत्म हो जाना था. लेकिन युवाओं, छात्र-छात्राओं की भीड़ बहुत आ गई.
इसकी उम्मीद शायद सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी को भी नहीं थी.
पुलिस ने छात्रों और युवाओं को बहुत पीटा. बुरी तरीके से पेश आई पुलिस. छात्रों ने लगभग पूरा दिल्ली जाम कर दिया. कनौट प्लेस जैसी जगह जाम हो गई.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन में जब लाठियां चलनी शुरू हुईं. लड़कियों को भी बुरी तरीके से पीटा जाने लगा, आंसू गैस के गोले छोड़े गए… तो आन्दोलन बेकाबू हो गया.
सरकार तो सब कुछ सेट करने की स्थिति में आ गई थी. भूख हड़ताल पर बैठे सभी लोगों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी, लेकिन शाम होते होते स्थिति बदल गई.
बलपूर्वक जंतर मंतर खाली करा लिया गया. मंच तोड़ दिया. लेकिन देर रात इस मंच पर फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है. अभिजीत दीपके ने कहा कि हमारे साथ बहुत बर्बरता हुई है. हम अब ऐसे नहीं हटेंगे. छात्र अब कुछ हासिल करके ही जायेंगे.
ऐसा इसलिए क्योंकि ये आन्दोलन अब सिर्फ अभिजीत दीपके या सोनम वांगचुक के हाथ में नहीं है. हजारों लाखों बच्चे अलग अलग शहरों राज्यों से खुद व खुद दिल्ली पहुंचे हैं.

