सायनी घोष को लेकर TMC में मचे सियासी घमासान के बीच कीर्ति आज़ाद का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।
कीर्ति आज़ाद ने कहा कि उन्होंने हमेशा सायनी घोष को प्रोत्साहित किया, लेकिन संकट के समय जो लोग पार्टी छोड़कर चले जाते हैं, उनसे उनका असली चरित्र सामने आ जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जहाज डूबने लगता है, तो सबसे पहले चूहे भागते हैं।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सायनी घोष का नाम उन नेताओं में लिया जा रहा है, जिन्हें TMC से अलग हुए कथित बागी गुट के साथ जोड़ा जा रहा है।
बंगाल की राजनीति में जारी टूट और अंदरूनी खींचतान के बीच TMC नेतृत्व अपने नेताओं को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी ओर बागी नेताओं के दावे और बयान राजनीतिक तापमान बढ़ा रहे हैं।
कीर्ति आज़ाद का यह “जहाज और चूहे” वाला तंज साफ संकेत देता है कि TMC अब बागी नेताओं पर खुलकर हमला बोलने के मूड में है। आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई और तेज हो सकती है।

