संभल:-हाल ही में पालिका द्वारा शहर में कराए गए सर्वे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2012 में जहां नगर पालिका रिकॉर्ड में महज 30 हजार मकान दर्ज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 41 हजार तक पहुंच गई है। इनमें से लगभग 11 हजार मकान–दुकान ऐसे हैं, जो नए बने हैं और अभी तक कर दायरे में शामिल नहीं हो पाए थे।
सर्वे के बाद इन सभी भवनों को टैक्स नेटवर्क में लाने की तैयारी की जा रही है। बढ़ा हुआ राजस्व सीधे तौर पर शहर की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। इसमें साफ–सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई और अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल हैं।
अधिशासी अधिकारी डा. मणिभूषण तिवारी ने कहा कि टैक्स बढ़ोतरी से नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बढ़ा हुआ राजस्व शहर के विकास कार्यों पर ही खर्च किया जाएगा। इससे सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, जिससे शहर को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

