सम्भल (बहजोई), 14 अगस्त 2026: भारत के विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले देशवासियों एवं विभाजन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों की स्मृति में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार, बहजोई में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल एवं पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी तथा विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री हरेन्द्र सिंह रिंकू एवं पूर्व एमएलसी श्री परमेश्वर लाल सैनी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्प देकर स्वागत किया गया, जबकि मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट द्वारा विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके उपरांत विभाजन विभीषिका के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले देशवासियों की स्मृति में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने विभाजन की त्रासदी पर आधारित नाटक प्रस्तुत कर उस दौर की पीड़ा एवं परिस्थितियों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चंदौसी एवं सम्भल क्षेत्र से विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लगभग 40 परिवारों के सदस्यों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया।
मुख्य अतिथि माननीय माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री हरेन्द्र सिंह रिंकू एवं पूर्व एमएलसी श्री परमेश्वर लाल सैनी द्वारा विभाजन की विभीषिका झेल चुके लोगों एवं उनके परिवारजनों को शॉल ओढ़ाकर, पुष्प एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारत-पाकिस्तान विभाजन की विभीषिका से संबंधित लघु फिल्म/डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसे विस्थापित परिवारों के सदस्यों, छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने देखा। विभाजन की त्रासदी से विस्थापित परिवारों के सदस्यों तिलक राज अरोड़ा, सरदार भोपाल सिंह, गम्भीर, हंसराज एवं अरविंद अरोड़ा ने अपने अनुभव साझा किए। सुधीर मल्होत्रा ने भी अपने संस्मरण सुनाते हुए उस दौर की परिस्थितियों को सामने रखा।
भाजपा जिलाध्यक्ष हरेन्द्र सिंह रिंकू ने कहा कि 14 अगस्त 2021 से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत की गई, ताकि आने वाली पीढ़ियां विभाजन के दौरान देशवासियों द्वारा झेली गई पीड़ा एवं त्रासदी के बारे में जान सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि एक अंग्रेज अधिकारी द्वारा नक्शे पर एक लकीर खींचकर भारत और पाकिस्तान का विभाजन कर दिया गया। विभाजन के दौरान लाखों लोग अपने घरों एवं परिजनों तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस विभीषिका के पीछे नफरत की सोच थी। हमें अपनी सोच में सबसे पहले राष्ट्र को रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से सीख लेते हुए विभाजन से संबंधित इतिहास को पढ़ना और समझना चाहिए तथा यह जानना चाहिए कि विभाजन क्यों हुआ और उसके क्या दुष्प्रभाव पड़े। उन्होंने युवाओं से स्वयं को सशक्त एवं मजबूत बनाने का आह्वान किया, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।
बुजुर्गों के अनुभवों से सीखें युवा पीढ़ी: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य उन परिवारों की पीड़ा एवं त्रासदी को याद करना है, जिन्होंने विभाजन के समय भयावह परिस्थितियों का सामना किया। उस त्रासदी को मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ी को यह अवश्य बताया जा सकता है कि किन परिस्थितियों एवं कारणों से विभाजन की त्रासदी सामने आई।
उन्होंने कहा कि हमें अपने सार्वजनिक एवं निजी जीवन में ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जिससे भविष्य में हमें ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। 1947 के समय जैसी परिस्थितियां समय-समय पर अपना सिर उठाती रही हैं, लेकिन देश ने आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव एवं एकजुटता के माध्यम से ऐसी शक्तियों का मजबूती से सामना किया है।
जिलाधिकारी ने सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि उनके सामने विभाजन की पीड़ा को अपने साथ लेकर चलने वाली एक अनुभवी पीढ़ी मौजूद है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने घर-परिवार या आसपास मौजूद बुजुर्गों के साथ समय बिताएं, उनके अनुभवों को सुनें और उनसे सीखें। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव हमें यह समझने में मदद करते हैं कि क्या गलत है और ऐसी परिस्थितियों से किस प्रकार बचा जा सकता है।
विविधता में एकता भारत की पहचान: जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव ने कहा कि भारत विविधता में एकता वाला देश है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लोगों की पीड़ा को याद करने और उनसे सीख लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
बच्चे नैतिक शिक्षा ग्रहण करें और मोबाइल का सदुपयोग करें: मंत्री
मुख्य अतिथि माननीय माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच के तहत विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लोगों की स्मृतियों एवं अनुभवों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस समय जिन लोगों ने विभाजन का दंश झेला, उनकी सच्चाई एवं पीड़ा समाज के सामने आनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी इतिहास को समझ सके।
उन्होंने बच्चों को नैतिक शिक्षा का ज्ञान प्राप्त करने तथा अभिभावकों से बच्चों की नैतिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बच्चों से मोबाइल फोन का सदुपयोग करने की अपील की।
मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने सभी से प्रेम, भाईचारे एवं सद्भावना के साथ रहने का आह्वान करते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सीडीपीओ रचना यादव द्वारा किया गया। सभागार पर विभाजन विभीषिका से संबंधित एक प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसका सभी के द्वारा अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम के उपरांत सभागार में उपस्थित सभी लोगों द्वारा मौन रैली निकाली गई।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक अखिलेश कुमार चौबे, जिला विकास अधिकारी राम आशीष, सुधीर मल्होत्रा, अरविंद अरोड़ा, तिलक राज अरोड़ा, हंसराज आहूजा, परीक्षित मोगिया आदि सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

