आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 का दिन बुद्धि, व्यापार और गणेश उपासना के लिए विशेष है। पंचांग गणना के अनुसार, आज सुबह 10:00 बजे तक नवमी तिथि रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो आज सुबह 10:53 बजे तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, जो शुभ माना जाता है। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और देवता इंद्र हैं। आज बुधवार और ज्येष्ठा का महासंयोग बन रहा है। यह संयोग बुद्धि को बहुत तीक्ष्ण बनाता है, लेकिन ज्येष्ठा नक्षत्र गंडमूल श्रेणी में आता है, इसलिए दोपहर के बाद शुभ कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए। आज चंद्रमा अपनी नीच राशि वृश्चिक में ही गोचर करेंगे, जिससे मन में थोड़ी चंचलता या अज्ञात भय रह सकता है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और उपाय।
आज का पंचांग- 11 फरवरी 2026
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| नवमी (सुबह 10:00 बजे तक) | अनुराधा | बुधवार | हर्षण | गर |
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति 11 फरवरी 2026
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 45 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 03 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 02 बजकर 44 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 12 बजकर 30 मिनट पर होगा |
आज का शुभ मुहूर्त और योग 11 फरवरी 2026
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूत | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 10 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूत | (सूर्य पूजन का शुभ समय) आज नहीं है |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से 03 बजकर 26 मिनट त |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 13 मिनट से 06 बजकर 39 मिनट तक |
आज का अशुभ मुहूर्त 11 फरवरी 2026
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 01 बजकर 55 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 08 बजकर 18 मिनट से 09 बजकर 44 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 11 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक |
बुधवार को राहु काल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे के बीच होता है। इस समय कोई भी नया एग्रीमेंट या निवेश न करें।
आज के खास दिन का महत्व: ज्येष्ठा नक्षत्र और दशमी तिथि
आज नवमी तिथि है इसके बाद दशमी तिथि है ये धर्म और कर्म की तिथि मणि जाती है आज सुबह 10:00 बजे के बाद दशमी तिथि लग जाएगी। दशमी को धर्म की तिथि माना जाता है। यह सरकारी कार्यों, पदभार ग्रहण करने और पुण्य कार्यों के लिए शुभ होती है। आज सुबह 10:53 बजे के बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लगेगा। इसका अर्थ है सबसे बड़ा इसके देवता इंद्र हैं। यह नक्षत्र व्यक्ति को महत्त्वाकांक्षी बनाता है ज्येष्ठा एक गंडमूल नक्षत्र है। इसमें जन्मे बच्चों की मूल शांति करवानी पड़ती है। आज के दिन अहंकार से बचें और अपने बड़े भाई-बहनों से विवाद न करें। आज बुधवार है और नक्षत्र स्वामी भी बुध है। यह संयोग गणित, ज्योतिष, लेखन और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए बहुत शुभ है। आपकी तर्क शक्ति आज कमाल की रहेगी।
ज्येष्ठा नक्षत्र और बुधवार का संयोग:
ज्योतिष शास्त्र में बुधवार और ज्येष्ठा नक्षत्र का मिलन इंटेलेक्चुअल पावर का दिन है। यह दिन स्टॉक मार्केट, ट्रेडिंग और कॉमर्स वालों के लिए अच्छा है, लेकिन लालच से बचें। आज आपकी वाणी में बहुत धार होगी। आप अपनी बातों से किसी का भी दिल जीत सकते हैं, लेकिन कड़वा बोलने पर रिश्ते टूट भी सकते हैं। इसलिए आज तोल मोल के बोल वाला सिद्धांत अपनाएं। ज्येष्ठा नक्षत्र में कंधे या मांसपेशियों का दर्द हो सकता है, इसलिए भारी वजन उठाने से बचें।
आज का विशेष उपाय:
- आज गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएं और मूंग के लड्डू का भोग लगाएं।
- आज ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें। यह बुद्धि को स्थिर करता है।
- आज के दिन किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल या हरा वस्त्र दान करें।।
- आज शिवलिंग पर शहद और जल चढ़ाएं। इससे मानसिक शांति मिलेगी।
- आज छत पर पक्षियों के लिए बाजरा और पानी रखें।

