जातिगत भेदभाव को लेकर थाना प्रभारी रविंद्र सिंह को पद मुक्त कर हटाने को नायक टाईगर फोर्स सहित तीन संगठनों ने दिया ज्ञापन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं अब पूरे प्रदेश में होगा महाप्रदर्शन।
संवाददाता वंदना
शाहजहांपुर । आज नायक टाइगर फोर्स सहित कई संगठनों ने शाहजहांपुर में थाना प्रभारी सिधौली रविंद्र सिंह की जातिगत भेदभाव दलित विरोधी बताते हुए सिटी मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर के द्वारा उत्तर प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को एवं पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश व पुलिस महानिरीक्षक बरेली के नाम थाना सिधौली क्षेत्र में दलितों के साथ लगातार घटित हो रही घटनाओं व दलितों के साथ भेदभाव व फर्जी मुकदमे लिखने , उच्च वर्ग के लोगों को संरक्षण देने एवं दलितों की सुनवाई न करने के संबंध में आज राष्ट्रीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी व राष्ट्रीय सामाजिक क्रांतिकारी द्रविड़ फौज द्वारा सहित तीन संगठनों द्वारा पद मुक्त कर हटाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया । वही संजीत कुमार आजाद ने ज्ञापन में बताया कि भारत में दलितों के साथ भेदभाव और शोषण का इतिहास लंबा रहा है हाल ही में हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन सिंह की आत्महत्या और सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूते फेक जाने की घटनाओं ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है । जब भारत के सबसे ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी दलितों को जातिगत भेदभाव का सामना पड़ता है तो आम लोगों का क्या हॉल होता होगा । उच्च वर्ग के लोगों को मान सम्मान संरक्षण देकर लगातार दलितों पर घटनाएं घटित हो रही हैं । हाल ही में ही पैना बुजुर्ग में एक सब्जी विक्रेता दलित को उच्च वर्ग के लोगों द्वारा जमकर पीटा गया फिर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया गलती उसकी केवल यही थी कि वह दलित होकर उसकी गली में सब्जी बेचने चला गया था । ऐसे ही कई वर्षों पूर्व थाना सिंधौली क्षेत्र के दलित पिछड़ों अत्याचार शोषण उत्पीड़नों में महाउ महेश का भी इतिहास रहा है । इस गांव में ब्राह्मण द्वारा अत्याचार शोषण कर और उनकी महिलाओं के साथ उत्पीड़न कर पूरे 200 परिवारों को गांव से भगा दिया । ग्राम माहू महेश में एक गांव तू टिकरा लगता था जो पूरा गांव तबाह करके पूरा गांव भगा दिया और उनकी जगह जमीन पर आज भी कब्जा । इस गांव में दलित सामान से कुछ पढ़ लिखकर अपने समाज की आवाज उठाते हैं तो आज भी ब्राह्मणों द्वारा पुलिस के सहयोग से उन पर तमाम प्रकार के फर्जी मुकदमे हुआ षड्यंत्र बनाते रहते हैं । हाल ही में ही महाव महेश के विक्रम कुमार पर थाना सिधौली पुलिस द्वारा गांव के ही ब्राह्मण के इशारों पर फर्जी मुकदमे लगा दिए गए । सिधौली थाना प्रभारी रविंद्र सिंह जो संवैधानिक पद पर रहकर दलित और पिछड़ों के साथ भेदभाव से क्षेत्र में और उच्च वर्ग के लोगों को मान सम्मान और संरक्षण देकर दलितों और पिछड़ों मैं डर खौफ का माहौल बनाने से जातिगत हिंसाएं बढ़ रही है । तमाम ऐसी घटनाओं से क्षेत्र में दलित और पिछड़ों में दहशत सी बैठ गई है क्षेत्र में न्याय व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं । इस थाने में दलित और पिछड़ों की किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होती है इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी रिकॉर्डिंग या वीडियो वायरल होने के बाद भी जातिगत ओछी मानसिकता के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जाती है l आजकल स्टेट में तीनों संगठनों ने थाना सिधौली क्षेत्र में न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर ऐसे कोच्चि मानसिकता के संवैधानिक पद पर से पद मुक्त हटाया जाए। जिससे क्षेत्र में लगातार हो रही दलितों के साथ घटनाओं पर अंकुश लग सके और भाईचारा और एकता से जातिगत हिंसाओं को बढ़ावा ना मिल सके और दलित और पिछड़ों को संवैधानिक तौर पर सही न्याय मिल सके ।

