सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाइयों के लिए अब सपा के दरवाजे बंद हो चुके हैं। प्रदेश को भाजपा के कुशासन से मुक्ति दिलाने के लिए सपा के नेताओं ने त्याग किया है। अब किसी दूसरे दल के नेता को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।
अखिलेश ने शनिवार को पार्टी कार्यालय पर कहा कि राजनीति त्याग मांगती है। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने यह त्याग किया है। उनका त्याग निरर्थक नहीं जाएगा। प्रदेश में सपा की सरकार बननी तय है। भाजपा को हार का डर इस कदर सता रहा है कि उसने दो दर्जन से अधिक विधायकों के टिकट काट दिए हैं। ये सपा में आना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को अब पार्टी में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अफसर सपा में आना चाहेगा तो उस पर विचार किया जाएगा।
सपा एमएलसी के इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई यहां से जाना चाहता है तो चला जाए, उसे रोका नहीं जाएगा। खुद के फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने से सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां की कई सीटों पर परिवार के लोग ही रहे हैं। ऐसे में पार्टी कहेगी तो कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं। उन्नाव
👉 तो भाजपाई होगा मुख्यमंत्री के सामने उम्मीदवार
गोरखपुर से सपा उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपाइयों के लिए दरवाजे बंद हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले एक नेता के लिए विशेष परिस्थितियों में दरवाजा खोला जा सकता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा गठबंधन किसी भाजपाई को मुख्यमंत्री के सामने उम्मीदवार बना सकता है।
👉 फोन आया और लौट गए चंद्रशेखर
सपा अध्यक्ष ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद से उनकी बातचीत हुई थी। रामपुर मनिहारन व गाजियाबाद की सीटें उन्हें दे रहे थे। सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल से भी बात हुई थी। बात्तचीत होने के बाद उनके पास किसी का फोन आया और वह कहने लगे कि चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह खुद यहां से गाए। अब उनके लिए सपा के दरवाजे बंद हो चुके हैं।
👉 सपा अध्यक्ष बोले-अब किसी दूसरे दल के नेताओं को पार्टी में नहीं लेंगे, प्रदेश में सरकार बनाने के लिए सपा नेताओं ने किया है त्याग
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कोविड प्रोटोकॉल के पालन की अपील की। कहा कि ऐसा न करने पर भाजपा उन स्थानों पर एंबुलेंस व पुलिस लगा देगी, जहां सपा के वोट ज्यादा हैं। कार्यालय पर नोटिस चस्पा किए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि धारा 144 कार्यालय के अंदर भी लागू है, यह अब पता चला है।
सीएम योगी पर तंज अखिलेश ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें 10 मार्च को जाना था, लेकिन भाजपाइयों ने अभी उन्हें गोरखपुर भेज दिया है। वह कभी अयोध्या तो कभी मथुरा से चुनाव लड़ने की बात कह रहे थे, लेकिन भाजपा के लोगों ने उन्हें घर भेज दिया है। अब उन्हें गोरखपुर से आने की जरूरत नहीं है। क्योंकि गोरखपुर में अभी तक सौवर जैसा आधारभूत काम नहीं हो पाया है।
👉 चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल मुख्य मुद्दा
अखिलेश ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र तैयार हो चुका है। 300 यूनिट बिजली मुफ्त, सिंचाई मुफ्त, विदेश में पढ़ाई के इंतजाम की घोषणा की गई है। सपा सरकार की प्राथमिकता में चिकित्सा, शिक्षा व पेयजल है।

