चंदौसी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रसिद्ध विद्यालय Genius Girls School के संस्थापक Pawan Kumar Gupta ने शहर के स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पवन कुमार गुप्ता का कहना है कि चंदौसी में कई स्कूल पिछले 10, 20 यहां तक कि 50 वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन इन स्कूलों से पढ़ने वाले हजारों छात्रों में से केवल कुछ ही छात्र ऐसे निकल पाते हैं जो सीए, इंजीनियर, आईएएस या आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन इन्हीं कुछ सफल छात्रों के नाम पर अपना प्रचार-प्रसार करता है, जबकि अधिकांश छात्रों की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उनके अनुसार, यह न केवल भ्रामक प्रचार है बल्कि शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ एक तरह का मजाक भी है।
पवन कुमार गुप्ता ने आगे कहा कि इस तरह के प्रचार के जरिए स्कूल नए एडमिशन के लिए अभिभावकों को आकर्षित करते हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी संस्थान की सफलता का आकलन केवल कुछ चुनिंदा छात्रों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि सभी छात्रों के समग्र विकास और वास्तविक परिणामों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि चंदौसी के स्कूल इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

