रामपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने से परेशान नौ गरीब परिवारों ने गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा। इन परिवारों का आरोप है कि वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है, जबकि अपात्र लोगों को इसका फायदा दिया जा रहा है।
तहसील टांडा के ग्राम दलेलनगर निवासी इन महिलाओं ने जिलाधिकारी को बताया कि वे आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और मजदूरी करके किसी तरह जीवनयापन करते हैं। वे लंबे समय से कच्चे और टूटे-फूटे मकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से कई बार आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की, लेकिन उन्हें आज तक कोई राहत नहीं मिली।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गांव की राजनीति के चलते पात्र होने के बावजूद उनके नाम आवास की सूची में शामिल नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, अपात्र लोगों को योजना का लाभ देकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले 15 से 20 वर्षों से वे पक्के मकान का सपना देख रहे हैं और लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे फरियादियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
अब पीड़ित परिवारों की उम्मीद जिला प्रशासन पर टिकी है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो वास्तव में जरूरतमंद लोगों को उनका अधिकार मिल सकेगा और वर्षों से पक्के घर का उनका सपना पूरा हो पाएगा। शिकायत पत्र देने वालों में शीला देवी पत्नी राजेश, आरती देवी पत्नी भरा, काजल पत्नी दिनेश, रीना पत्नी सतपाल, वीरवती पत्नी ऋषिपाल, प्रियंका पत्नी अजीत सिंह, विमल पाटनी छत्रपाल, लक्ष्मीपति रंजीत और माया पत्नी ज्ञानी शामिल हैं।

