जिला चिकित्सालय मुरादाबाद में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक श्री प्रदीप कुमार वार्ष्णेय द्वारा प्रशिक्षु चिकित्सकों (इंटर्न) के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने ओपीडी में आने वाले मरीजों के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सकारात्मक व्यवहार अपनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक का व्यवहार मरीज के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरीजों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, उनके रोग को सही प्रकार से समझना तथा सहानुभूतिपूर्वक उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान करना प्रत्येक चिकित्सक का दायित्व है।
इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु चिकित्सकों को निर्देशित किया गया कि वे मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार करें तथा अस्पताल आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने इंटर्न चिकित्सकों को चिकित्सा सेवा के दौरान मानवीय मूल्यों, सेवा भावना एवं चिकित्सकीय नैतिकता का पालन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मरीजों का विश्वास ही चिकित्सक की सबसे बड़ी पूंजी है और गुणवत्तापूर्ण उपचार के साथ अच्छा व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षु चिकित्सकों ने मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं सम्मानजनक व्यवहार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
मरीज का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी: प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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