बिल्सी इस्लामनगर रोड स्थित श्री रामदास ब्रजलाल मेमोरियल इण्टर कॉलेज में परिसर में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा को सुनाते हुए कथा व्यास श्री दीपक शंखधार जी ने बेलपत्र की महिमा बताते हुए शिव पूजन को अग्रसर किया /
भगवान शिव की पूजा के बिल पत्र का विशेष महत्व है महादेव एक बिलपत्र अर्पण करने से प्रसन्न हो जाते हैं इसीलिए तो उन्हें आशुतोष कहा जाता है तथा श्री फल के नाम से प्रसिद्ध यह फल बहुत ही काम आता है जिस वृक्ष पर लगता है वह शिवद्रुम भी कहलाता है बेल का पेड़ संपन्नता का प्रतीक है और बहुत ही पवित्रता समृद्धि को देने वाला है बेल के पत्र शंकर जी का आहार माने गए हैं इसलिए भक्त लोग बड़ी श्रद्धा से इन्हें महादेव के ऊपर चढ़ाते हैं शिवजी की पूजा के लिए बेलपत्र बहुत ही जरूरी माना गया है शिव भक्तों का विश्वास है शिव भक्तों का विश्वास है की पत्तों के त्रिनेत्र स्वरूप तीनों पत्र शिव के तीनों नेताओं को विशेष परी हैं भांग धतूरा और बेलपत्र से प्रसन्न होने वाले सिर्फ महादेव जी हैं रात्रि के अवसर पर बिल पत्रों से विशेष पूजा शिवजी की की जाती है तीन पत्तियों वाले बिलपत्र आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं किंतु कुछ ऐसे बिल पत्ते भी होते हैं जो दुर्लभ और चमत्कारी होते हैं बिलपत्र का भगवान शिव के पूजन में विशेष महत्व है जिसका प्रमाण शास्त्रों में मिलता है विलवाष्टक और शिव पुराण में इसका विशेष उल्लेख है अन्य कई ग्रंथ में भी इसका उल्लेख मिलता है भगवान शंकर एवं माता पार्वती को विल्ब पत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है श्रीमद् देवी भागवत में स्पष्ट वर्णन है कि जो व्यक्ति मां भगवती को विल्व पत्र अर्पित करता है वह कभी भी किसी भी परिस्थिति में दुखी नहीं होता है उसे हर तरह की सिद्धि प्राप्त होती है और कई पापों से मुक्ति मिल जाती है ऐसी बिल्व पत्र की महिमा को सुनकर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को कृतार्थ किया शिव महापुराण कथा में सभी ग्राम वासी एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा
श्री शिवमहापुराण कथा में कथा व्यास दीपक शंखधार जी ने बताई बेलपत्र की महिमा
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