हरियाणा के सोनीपत में एक पूर्व महिला सरपंच वीरमती अपने ही परिवार से प्रताड़ित होकर वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हैं। कई सालों तक गांव की सरपंच रहीं वीरमती के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बच्चों और बहुओं ने उनके साथ मारपीट की। पहली बार मारपीट होने पर उन्होंने परिवार की खातिर उन्हें माफ कर दिया था, लेकिन जब दोबारा उनके साथ हिंसक व्यवहार हुआ, तो उन्होंने अपना घर छोड़ दिया।
घर छोड़ने के बाद वह चार दिनों तक भूखी-प्यासी बैठी रहीं, लेकिन उनके किसी भी बच्चे ने उनसे संपर्क नहीं किया या उनकी सुध नहीं ली। वीरमती के भाई-बहन और रिश्तेदार उन्हें अपने घर ले जाना चाहते हैं, लेकिन वह बुढ़ापे में किसी पर बोझ नहीं बनना चाहतीं और न ही उन्हें किसी कलंक का हिस्सा बनाना चाहती हैं। उनका कहना है कि वृद्धाश्रम में उनकी अच्छी देखभाल हो रही है और अब वह अपना शेष जीवन यहीं बिताना चाहती हैं।

