आज दिनांक 18.02.2026 को जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर बहजोई के सभागार में दोपहर 01:00 बजे किसान दिवस बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उपस्थित कृषि विज्ञान केन्द्र से आये कृषि वैज्ञानिक डॉ. महावीर सिंह द्वारा समस्यामूलक फसलों की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि वर्तमान में जनपद में सरसों, गेहूँ आदि की फसल मुख्य रूप से लगी हैं। उन्होंने गेहूं की फसल के बारे में अवगत कराया कि इस समय गेहूँ की फसल में सर्वाधिक आद्रता व नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। साथ ही जिन किसान भाइयों की जमीन मोटी है उनमें यूरिया डालने का सुझाव दिया। गेहूं फसल में खरपतवार नाशी का इस्तेमाल करने के लिए वाइड स्पेक्ट्रम वीडीसाइड जैसे सल्फोसल्फ्यूरान, आदि का इस्तेमाल करने के लिए सुझाव दिया।यह सभी खरपतवारनाशी कृषि रक्षा ईकाइयों पर 50% अनुदान पर उपलब्ध होने के बारे में भी अवगत कराया गया। गन्ने की फसल में प्रति एकड़ प्रति 150-175 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। साथ ही किसान भाइयों को खेत में यूरिया का अधिक इस्तेमाल होने वाले दुष्प्रभावों से भी अवगत किया गया। मिट्टी के विभिन्न प्रकारों से भी किसानों को अवगत कराते हुए कहा कि किसान भाई मिट्टी परीक्षण के अनुरूप ही फसलों की बुवाई निर्धारित करें। उन्होंने मक्का एवं सरसों की फसल एवं प्रजाति तथा रोग उपचार आदि पर भी प्रकाश डाला।
बैठक में अग्रणी कृषक डॉ० मोहम्मद गालिब द्वारा जनपद में मोती की खेती करने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी सफलता की कहानी को अवगत कराया गया। साथ ही खेत तालाब योजना के तहत निजी तालाब पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी प्रदान की गयी। इसके अतिरिक्त मोती के वर्तमान बाजार मूल्य व उसकी अधिक पैदावार हेतु किसानों को अवगत कराया गया।
जिला गन्ना अधिकारी सम्मल धनीराम द्वारा गन्ना विभाग के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं से किसानों को अवगत कराया गया। साथ ही गन्ने की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियों, विभाग द्वारा निर्गत कराये जाने वाले अनुदान एवं सहफली योजना के विषय में जानकारी प्रदान की गयी। ए आर कॉपरेटिव द्वारा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने वाली खाद, एनपीके० एवं डीएनपीके० की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी एवं वर्तमान में खाद वितरण किये जाने हेतु पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने अवगत कराया गया।
उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप पर सोलर पेनल लगवाये जाने को बिजली बिलों में होने वाले धनलाभ के विषय में जागरूक किया। किसानों को पीएम कुसुम योजना के विषय में अवगत कराया गया। साथ ही कृषि विभाग से संचालित अन्य योजनाएं यथा कृषि यंत्रीकरण योजना, मिलेट्स पुनरुद्धार योजना,आदि के लाभों से भी अवगत कराया गया।साथ ही श्री अन्न फसलों के सेवन से होने वाले स्वास्थ लाभों के प्रति भी जागरूक किया गया।
बैठक में कृषकों द्वारा जनपद में विभिन्न समस्याओं यथा सहकारी समितियों के कार्यों को प्राइवेट संचालकों के माध्यम से संचालित न किये जाने तथा ग्राम परतापुर के तिराहे पर दुर्घटना की सम्भावना को देखते हुए स्पीड ब्रेकर बनवाने तथा यारा बीरा फर्टिलाइजर फेक्ट्री आउटलेट के माध्यम से फेक्ट्री के 15 किमी के क्षेत्रफल में किसानों के पूर्व में कम्पनी द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को संचालित कराये जाने एवं राई /सरसों को उचित मूल्यों पर क्रय करने हेतु जनपद की मंडियों में क्रय केन्द्र खोले जाने तथा गेहूं के एस एम आई के सेन्टर के स्थान परिवर्तन करवाने ,गुन्नौर क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी आदि की दवा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को रखा।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित कृषकों को दैनिक जागरण के माध्यम से चलायी जा रही एएमआर पर प्रहार अभियान नामक पहल हेतु शपथ ग्रहण करायी गयी एवं कृषकों को एएमआर ( एंटी माइक्रोबियम रेजिस्टेंस) नामक नवाचार जोकि बिना किसी चिकित्सक के परामर्श लिये लोगों द्वारा स्वयं से एंटीबायोटिक दवाओं के गलत सेवन के कारण रोग उत्पन्न हो रहा है, उसकी रोकथाम हेतु विस्तृत रूप से जागरूक किया गया। साथ ही मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल से बच्चों एवं बड़ों के स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों हेतु डिजिटल फास्टिंग एवं डिजिटल डिटॉक्स पदति के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा कृषकों को खेती के क्षेत्र में नवाचार यथा मछली पालन, मुर्गी पालन, फल व फूलों की खेती करने के साथ ही दलहनी फसलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने हेतु जागरूक किया गया एवं गर्भवती महिलाओं के पुष्टाहार पर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट किया गया। जनपद के कृषकों को वर्तमान में बीजों के तेजी से बढ़ते मूल्यों के कारण बीजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने हेतु भी जागरूक किया गया। साथ ही किसानों को रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों से सचेत करने हेतु जैविक खेती को अपनाने हेतु निर्देशित किया गया एवं यह भी अवगत कराया गया कि कैंसर जैसी जटिल बीमारी से बचने के लिए जैविक खेती को एक मात्र विकल्प के रूप में अपनाने हेतु जागरूक भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ तरुण पाठक एवं कृषि उपनिदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी धनीराम तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ महावीर सिंह तथा किसान बंधु उपस्थित रहे।

