यह सिर्फ किताबों की दुकान नहीं… एक पिता का 40 साल पुराना सपना है!
नालंदा के 64 वर्षीय अनिल कुमार कभी IAS/IPS बनना चाहते थे. कई बार UPSC-BPSC की परीक्षा दी, पर सफलता हाथ नहीं लगी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, सपना छोड़ा नहीं, बस उसे अपने बच्चों की आंखों में देखना शुरू कर दिया.
सिर्फ ₹2000 की पूंजी, दोस्तों की मदद और एक छोटी-सी गुमटी से शुरू हुआ कुमार बुक सेंटर (KBC) आज पटना और दिल्ली, दोनों जगह प्रतियोगी छात्रों का पहला पसंदीदा अड्डा है. यहां से पढ़कर दर्जनों IAS-IPS-PCS अधिकारी बने हैं.
अनिल कुमार के खुद के बेटे आशीष भारती IPS, बेटी अनीशा PCS, बहू स्वप्ना IPS और दामाद मोहित एलाइड ऑफिसर हैं. आज DIG बेटा भी समय मिलते ही छात्रों को गाइड करता है.
सीएम नीतीश कुमार समेत दिग्गज नेता और बड़े अफसर भी यहां से किताबें लेते हैं!
अनिल कुमार कहते हैं, “दुकान नहीं… ये मेरा पैशन है। बच्चों के सपने देखते ही मैं आगे बढ़ता हूं.”

