संगीत केवल कला नहीं, आत्मा की अभिव्यक्ति: डा. कविता भटनागर
साईं शिक्षायतन में तीन दिवसीय संगीत कार्यशाला का आयोजन
संवाददाता वंदना शाहजहांपुर
शाहजहांपुर। शहर के साईं शिक्षायतन विद्यालय में तीन दिवसीय संगीत कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस संगीत कार्यशाला में बच्चों ने सुरों से दोस्ती की, ताल से संवाद किया और संगीत के माध्यम से अपने भीतर छिपी संवेदनाओं को स्वर दिया। बच्चों को संगीत का प्रशिक्षण एस एस कालेज की संगीत विभागाध्यक्ष डा. कविता भटनागर ने दिया ।
कार्यशाला के समापन समारोह का शुभारंभ विद्यालय की निदेशक नीता श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक डा. कविता भटनागर ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम का अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। यह कार्यशाला केवल गायन या वादन सिखाने का माध्यम नहीं रही, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन का भी सुंदर मंच बनी। उन्होंने कहा कि संगीत केवल कला नहीं, साधना है और संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है।
विद्यालय की निदेशक नीता श्रीवास्तव ने कहा कि कम समय में बच्चों ने संगीत की बारीकियों के साथ-साथ प्रेम, धैर्य और साधना का अर्थ भी सीखा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि कार्यशाला में उन्होंने जो सीखा है उसका निरंतर अभ्यास करते रहें। इस मौके पर प्रशिक्षक डा कविता भटनागर ने बच्चों को संगीत विषय की स्व लिखित पुस्तक भेंट की। विद्यालय की निदेशक नीता श्रीवास्तव ने उनका अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।अंत में सभी का आभार प्रधानाचार्य रचना बुद्बवार ने व्यक्त किया।
इस मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकायें और छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

