भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए निर्देशों के अंतर्गत महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना कार्यालय निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश के पत्र के अनुपालन में जनपद शाहजहांपुर में “भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर -2026” का आयोजन 13 से 19 मई 2026 तक समस्त परिषदीय विद्यालयों में किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 में परिकल्पित इस सात-दिवसीय शिविर का उद्देश्य बच्चों में गतिविधियों के माध्यम से बहुभाषिकता को बढ़ावा देना है।
संवाददाता वंदना शाहजहांपुर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता के मार्गदर्शन में गतिविधियों को आयोजित किया गया
स्थानीय संस्कृति के प्रोत्साहन और भाषाई जुड़ाव हेतु गए 7 दिनों के शेड्यूल को जनपद की स्थानीय भौगोलिक,ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर इस तरह क्रियान्वित किया गया है ।
प्रथम दिवस:- बुनियादी अभिवादन और अक्षरज्ञान,
स्थानीय बोली के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं उर्दू, पंजाबी, बांग्ला , संस्कृत, गुजराती बुनियादी शब्दों, अभिवादन और गिनती को सीखाया गया हैं। इंडियन साइन लैंग्वेज के बारे में बच्चों को बताया गया ।
द्वितीय दिवस:- वर्चुअल सिटी टूर और संवाद,
छात्र डिजिटल माध्यमों या बातचीत के जरिए देश के अन्य राज्यों के शहरों को एक्सप्लोर करते हैं । स्मार्ट पैनल के माध्यम से गूगल वर्चुअल टूर के माध्यम से अनेक शहरों तथा वाराणसी का वर्चुअल टूर कराया गया ।
दिवस तीन:- कला (संगीत/नृत्य/चित्रकारी)
विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं और गीतों को संस्कृतियों के साथ साझा किया गया है। बच्चों ने एकल और समूह नृत्य प्रस्तुत किए ।
दिवस-4
स्थानीय व्यंजन (मसाले,सब्जियां,केला फल) – बच्चों और शिक्षकों ने एक साथ मिलकर स्कूल में स्थानीय व्यंजन चोखा- बाटी, लस्सी, सत्तू, खिचड़ी आदि व्यंजन बनाए । प्राथमिक विद्यालय बुझिया विकास क्षेत्र – पुवायां में रेस्टोरेंट का सेट लगाकर बच्चों को वार्तालाप करना तथा रेस्टोरेंट से संबंधित शब्दावली का प्रयोग सिखाया गया ।
दिवस-5
स्थानीय नायकों को सम्मान देने के क्रम में स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्लाह खान, मौलवी अहमद उल्लाह शाह, एकांकीकार रामप्रसाद बिस्मिल, स्काउट और गाइड के प्रणेता श्रीराम बाजपेई, नायक जादुनाथ सिंह, कैप्टेन कन्हैया लाल शुक्ल , कारगिल शहीद रमेश कुमार, कश्मीर में बलिदान हुए सैनिक शहीद सारज सिंह के बारे में जानकारी दी गई।
दिवस-6 तथा 7
नदी, पर्वतों और जंगलों के बारे में जानकारी दी गई । जनपद की भौगोलिक स्थिति के बारे में परिचय दिया गया । अंतिम दिवस विद्यालयों में बच्चों ने अभिभावकों के सामने प्रस्तुतियां दी तथा भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर में भाग लेने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र का वितरण किया गया ।
प्राथमिक विद्यालय बुझिया (पुवायां), प्राथमिक विद्यालय अजीजगंज (ददरौल), संविलयन विद्यालय दौलतपुर (भावलखेड़ा) , उच्च प्राथमिक विद्यालय मुड़िया कलां तथा मगटोरा (जलालाबाद) में आयोजित गतिविधियां को सराहना प्राप्त हुई ।

