नहटौर स्थित मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम में 22 दिसंबर को पिछले 22 वर्षों से गरीबों को लिहाफ एवं कंबल वितरित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
इस सेवा कार्य को खुर्शीद आलम अंसारी निरंतर निभाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने हर समाज के जरूरतमंद लोगों को कुल 510 लिहाफ वितरित कर उन्हें कड़ाके की ठंड से बचाने का सराहनीय कार्य किया।
खुर्शीद आलम अंसारी ने बताया कि वे पिछले 22 वर्षों से हर साल 500 से अधिक लिहाफ एवं कंबल गरीब एवं असहाय लोगों में वितरित करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्धन और जरूरतमंदों की मदद करना उनके खून में शामिल है।
उन्होंने अपने वालिद की नसीहत को याद करते हुए कहा,
“मेरे वालिद ने मुझसे कहा था—बेटा, अगर दुनिया और आख़िरत दोनों कमाना चाहते हो तो गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करते रहना। इससे तुम्हारी ज़िंदगी में कभी कोई परेशानी नहीं आएगी और तुम हमेशा खुश रहोगे।”
खुर्शीद आलम अंसारी ने कहा कि वे अपने वालिद की इस नसीहत पर कायम हैं और जब तक ज़िंदा रहेंगे, मजलूम, बेसहारा और गरीबों की इसी तरह खिदमत करते रहेंगे।
इस मौके पर मौलाना नफीस क़ासमी, हाजी असलम सैफी, रिज़वान अंसारी, शकील अहमद, जमशेद आलम, राजू चौधरी, अनीस अहमद, मोहम्मद गयास, मोहम्मद कासिम, नदीम अहमद, यूसुफ़ खान, सलीम, डॉल्लर, बॉन्टिस, मिंबर इसरार, मिंबर काका सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नहटौर में 22 वर्षों से गरीबों में वितरित हो रहे कंबल और लिहाफ
Leave a Comment

