चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 16 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. इस बीच, उन्हें ₹5 करोड़ उधार देने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपना पक्ष रखा और अभिनेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने साल 2010 में राजपाल की फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए यह बड़ी रकम दी थी. उनका दावा है कि वे अपने पैसे वापस मांगने के लिए अभिनेता के घर जाकर कई बार गिड़गिड़ाए और बच्चों की तरह रोए, लेकिन उन्हें हर बार खाली हाथ लौटना पड़ा. बिजनेसमैन के मुताबिक, एग्रीमेंट में साफ था कि फिल्म चले या न चले, अभिनेता को पैसे लौटाने होंगे.
साल 2013 में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ₹10.40 करोड़ पर समझौता हुआ था, लेकिन राजपाल यादव द्वारा दिए गए सभी चेक बाउंस हो गए. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद अभिनेता को जेल भेजना नहीं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई वापस पाना है. फिलहाल, कोर्ट ने इस मामले में राजपाल को राहत दी है.

