आगरा कॉलेज प्रबंध समिति की बैठक में मंडलायुक्त ने कई सख्त निर्देश जारी किए हैं. इतिहास विभाग के शिक्षक महावीर सिंह के खिलाफ कॉलेज की शोध छात्रा द्वारा की गयी यौन उत्पीड़न की शिकायत के प्रकरण में आयुक्त द्वारा गत बैठक में यूजीसी विनियम 2015 के अन्तर्गत गठित आन्तरिक जांच समिति द्वारा जांच करने एवं कार्यवाही के निर्देश दिए गये थे. समिति द्वारा यह माना गया कि शिक्षक का आचरण अभद्रता की श्रेणी है. इस संस्तुति पर निर्णय लिया गया कि शिक्षक महावीर सिंह प्रति वर्ष अपना चरित्र निष्ठा का प्रमाण पत्र देंगे तथा शिक्षक अंतिम सेवाकाल तक आन्तरिक जांच समिति की सतत निगरानी में रहेंगे.
अनुपस्थित चल रहे शिक्षक की भी होगी जांच मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह द्वारा बैठक में लगभग एक साल से आगरा कॉलेज से अनुपस्थित चल रहे डॉ आनन्द पाण्डेय (शिक्षक, भौतिकी विभाग) के विरूद्ध कृत कार्यवाही का मामला उठा. इसमें जांच अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की संस्तुति सहित आख्या को स्वीकृत करते हुए आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गये कि एक समिति का गठन किया जाए, जो समस्त कार्यवाही एवं सम्बन्धित पत्रावलियों का परीक्षण करने के उपरान्त अग्रिम कार्यवाही के सम्बन्ध में आख्या प्रस्तुत करेगी. इस समिति में एडीएम वित्त एवं आगरा कॉलेज के दो वरिष्ठ शिक्षक शामिल होंगे. वहीं रिटायर्ड कार्यवाहक प्राचार्य नरेन्द्र सिंह के खिलाफ हुई शिकायत प्रकरण में आयुक्त ने पूर्व में गठित समिति द्वारा पुनः जांच किए जाने के निर्देश दिए. एकल स्थानान्तरण हेतु नियमान्तर्गत प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष अनापत्ति पत्र निर्गत करने तथा परिवीक्षाकाल पूर्ण कर चुके कर्मचारियों के स्थायीकरण संबंधित आवेदनों पर विचार किया गया.
आगरा कॉलेज में शिक्षक अनुशासन और अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई
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