चौक इलाके में एक सर्राफ व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चौपटिया निवासी मनोज अग्रवाल के रूप में हुई है, जो चांदी का कारोबार करते थे। उनका चौक सर्राफा मार्केट स्थित कुंदन मार्केट में दुकान थी।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मनोज अग्रवाल रोज़ की तरह अपनी दुकान पर थे। मकर संक्रांति के अवसर पर चौक में चल रहे भंडारे में शामिल होने के बाद उन्होंने दुकान बंद की और घर लौट गए। रात में परिजनों ने उन्हें घर के आंगन में ग्रिल के सहारे फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनोज अग्रवाल पिछले कुछ समय से सोने-चांदी के भाव में लगातार हो रही तेजी के कारण मानसिक तनाव में थे। परिजनों का कहना है कि इसी तनाव के चलते वह डिप्रेशन में चले गए थे।
चौक सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी ने बताया कि व्यापार में लगातार बढ़ते भाव और अस्थिर बाजार के चलते कई कारीगर और व्यापारी मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सोने-चांदी को वायदा कारोबार से मुक्त किया जाए, ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके। उनके अनुसार राजकोट, आगरा, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों के कारीगर व्यापारी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

