शिकारपुर। शिकारपुर का रामलीला मैदान पहली बार सामूहिक विवाह का गवाह बना है, जिसमें एक सौ से अधिक जोड़े वैदिक मंत्रों के साथ वैवाहिक सूत्र में बंधे। इस सुखद पल को देखने का मौका दूल्हा दुल्हन के गिने-चुने परिजनों को ही नसीब हुआ। कई मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ा गया।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का रामलीला मैदान में आयोजन किया गया। जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के जोड़ों ने शिरकत की। सुबह से ही रामलीला मैदान को दुल्हन की तरह सजाया गया। विवाह स्थल के बाहर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के साथ भारी तादात में पुलिस बल तैनात किया गया। सड़क पर जाम लगने से होने वाली परेशानी को देखते हुए पुलिस द्वारा नवीन अनाज मंडी के गेट और खुर्जा बस स्टैंड पर वेरी गेटिंग लगाकर भारी वाहनों को रोक दिया गया था। जिससे जहांगीराबाद से आने वाली बसों को खुर्जा जाने के लिए अनाज मंडी से होकर गुजरना पड़ा।

बुलंदशहर से आने वाले कार सवारों को शिकारपुर में अंदर और खुर्जा जाने के लिए अनाज मंडी के रास्ते का सहारा लेना पड़ा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दूल्हा और दुल्हन के परिवारों द्वारा लाए गए व अन्य वाहनों को पुलिस द्वारा अनाज मंडी परिसर में खड़ा कराया गया। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख पंकज गौतम, नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन राजबाला देवी सैनी, अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह, भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष विकास गर्ग, राज बहादुर सिंह और नत्थी सिंह आदि अनेक लोग मौजूद रहे। नव दंपति को विभिन्न सामान उपलब्ध कराए जाने के क्रम में जिले के सभी विकास खंडों के स्टाल लगे थे। सरकार की ओर से नए दंपत्तियों को अनेक सामान सौंपे गए।

