उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की हाथरस नगर पालिका परिषद की भाजपा की चेयरमैन श्वेता चौधरी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार शासन ने सीज कर दिए हैं। नगर पालिका परिषद हाथरस में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन सहित गंभीर वित्तीय व प्रक्रियागत अनियमितताओं पर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर पालिका परिषद हाथरस की अध्यक्ष बनीं श्वेता चौधरी को वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों से तत्काल प्रभाव से वंचित कर दिया है। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
टेंडर में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत
उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग-2 द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2024 में नगर पालिका परिषद हाथरस के 35 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निकाली गई निविदा में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद डीएम हाथरस ने जांच समिति गठित की थी। डीएम की जांच रिपोर्ट में जांच समिति के निष्कर्ष और हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण के परीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई।

