उपचुनाव के सियासी अखाड़े में इस बार मुकाबला केवल पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी बीजेपी और कांग्रेस के बीच द्विपक्षीय नहीं रहा, बल्कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव ‘मंडल’ ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया।
मतगणना के शुरुआती दौर से ही जिस तरह से दामोदर यादव ने हजारों की संख्या में वोट बटोरे हैं, उसने राजनीतिक पंडितों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दतिया के स्थानीय और सामाजिक समीकरण अब पूरी तरह से बदल चुके हैं। मुख्य दलों की खींचतान के बीच आसप ने एक ‘डार्क हॉर्स’ के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है।

