उत्तर प्रदेश पुलिस के बहुचर्चित और बागी सिपाही के नाम से सुर्खियों में आए बर्खास्त आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला अब अपनी सेवा बर्खास्तगी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने जा रहे हैं। सुनील शुक्ला बुधवार, 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण (U.P. Public Services Tribunal), लखनऊ में अपनी बर्खास्तगी के विरोध में केस फाइल करेंगे। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता नूतन ठाकुर (पूर्व आईपीएस व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की पत्नी) की ओर से दाखिल की जाएगी। सुनील शुक्ला का कहना है, मैंने पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम किया था। इसके बावजूद भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार ने मुझे ही सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कतई न्यायपूर्ण नहीं है और इसी अन्याय के खिलाफ मैं ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटा रहा हूं।उन्होंने कहा कि, उनके द्वारा पुलिस विभाग की छवि धूमिल नहीं की गई है, बल्कि ऐसे लोग जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं उनके द्वारा विभाग की छवि धूमिल की जा रही है।

