अयोध्या में राम मंदिर चंदा विवाद की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई खुलासे हो रहे हैं। अब तक की एसआईटी जांच में पता चला है कि दान में हेराफेरी के आरोपी ज्यादातर लोगों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने अच्छे घर बनवाए हैं और SUV का इस्तेमाल करते पाए गए, जबकि ज्ञात स्रोतों से उनकी मासिक आय 14,000 से 15,000 रुपये के बीच ही थी।
हालांकि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। आरोपी अविनाश शुक्ला मंदिर के दान गिनती केंद्र में नौकरी पाने से पहले अयोध्या में हनुमान गुफा के पास पीने का पानी बेचता था। वह प्रतापगढ़ का रहने वाला है। उसने अयोध्या में एक घर बनवाया है। शनिवार रात अयोध्या पुलिस ने शुक्ला की मारुति ब्रेजा कार जब्त कर ली।
अविनाश शुक्ला ने 13 घंटे की पुलिस रिमाड के दौरान पूछताछ में कई अहम राज खोले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने स्वीकार किया कि छह आरोपित मिलकर चढ़ावा चोरी को अंजाम देते थे। चोरी की रकम के बंटवारे के लिए 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के सुनसान स्थान को चुना जाता था। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि चोरी की रकम से अपने भाई के नाम पर एसयूवी ब्रेजा कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

