बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और समाजवादी पार्टी के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। समाजवादी पार्टी का दावा है कि निशिकांत दुबे को भेजे गए लीगल नोटिस के जबाव में दुबे ने माफी मांग ली है। इस पर निशिकांत दुबे ने इनकार किया है। उन्होंने साफ किया कि कोई माफी नहीं मांगी है। दुबे ने कहा कि मैं गंगा किनारे का आदमी हूँ, मर्दानगी और मर्यादा में लड़ता हूँ।
बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और समाजवादी पार्टी के बीच विवाद उस बयान को लेकर शुरू हुआ जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच संपर्क होने का आरोप लगाया था। इस बयान को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ऐतराज जताया था और पोस्ट डिलीट करने को कहा था। उन्होंंने पोस्ट डिलीट न करने पर मानहानि का केस करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद सपा नेता केके पाल की ओर से एक नोटिस भेजा गया। जिसके जबाव को लेकर ये दावे किए जा रहे हैं। हालांकि निशिकांत दुबे ने माफी मानने से इनकार किया है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ‘बहुत बड़े शूरवीर बने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बिना शर्त समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके पाल से माफी मांगी है। अब उन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी माफी मांगनी चाहिए। कहां था पूरा कानून का ज्ञान देंगे।’

